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| खाट पर बैठ कर गांव का नक्शा देखते उपायुक्त। |
पैदल चलकर लिया जमीनी हकीकत का जायजा
उपायुक्त ने विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए संबंधित क्षेत्रों का पैदल दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधी बात की और उनकी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उपायुक्त एक ग्रामीण के घर के बाहर खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ चर्चा करते नजर आए, जहां उन्होंने उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
1.28 करोड़ की दो सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति
उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पीरटांड़ प्रखंड में दो महत्वपूर्ण पीसीसी सड़क योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, इनके निर्माण पर कुल 1,28,19,800 रुपए की लागत आएगी। पीपराडीह से दलवाडीह तक मधुबन (उत्तरी पारसनाथ) पंचायत में पीसीसी पथ के निर्माण पर 88,62,400 रुपए खर्च होंगे। जबकि, कोठाटांड़ से वाइल्ड लाइफ सीमा तक उत्तरी पारसनाथ पंचायत में सड़क निर्माण (कोठाटांड़ से वाइल्ड लाइफ सीमा प्रारंभ बिंदु और अंतिम छोर से नदी तक) पीसीसी पथ बनाने पर 39,57,400 रुपए खर्च होंगे।
अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए कार्यपालक अभियंता, एन.आर.ई.पी., गिरिडीह को कार्यकारी एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डुमरी के अनुमंडल पदाधिकारी, पीरटांड़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, एनआरईपी के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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