GA4-314340326 सिल्ली के साहू पेट्रोल पंप पर हंगामा: ग्राहक ने मांगा डीजल, केन में थमा दिया मिलावटी पेट्रोल

सिल्ली के साहू पेट्रोल पंप पर हंगामा: ग्राहक ने मांगा डीजल, केन में थमा दिया मिलावटी पेट्रोल

 नियमों की धज्जियां : न शिकायत रजिस्टर मिला, न फिल्टर पेपर; बुनियादी सुविधाएं भी नदारद

 मनमानी : बोतल में तेल देने से किया इनकार, केन के नाम पर ₹2500 की सिक्योरिटी डिपॉजिट का बनाया दबाव

Uproar at Sahu petrol pump in Silli: Customer asked for diesel, given adulterated petrol in a bottle
केन से बाल्टी में पलटने पर तेल में गंदगी स्पष्ट दिख रही है।
सिल्ली (रांची) : एक तरफ पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से आम जनता पहले से ही त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी और मिलावटखोरी का नया मामला सामने आया है। शनिवार की अहले सुबह सिल्ली स्थित साहू पेट्रोल पंप (M/s चंद्रा इंटरप्राइजेज, इंडियन आयल) पर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक वाहन मालिक को डीजल की जगह कथित तौर पर मिलावटी पेट्रोल थमा दिया गया। पीड़ित ग्राहक ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बांसरुली के पास तेल खत्म, पंप पर हुआ 'खेल'

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्राहक पतराहातू निवासी विकास महतो की स्कॉर्पियो गाड़ी का डीजल अचानक बांसरुली के समीप खत्म हो गया था। इस आपातकालीन स्थिति में ग्राहक डीजल लेने के लिए एक बोतल लेकर साहू पेट्रोल पंप पहुंचा। आरोप है कि पंप कर्मियों ने बोतल में तेल देने से साफ मना कर दिया और कहा कि यदि तेल चाहिए तो पंप से केन लेना होगा, जिसके लिए ₹2,500 जमा करने होंगे। काफी मान-मनौव्वल और स्थानीय होने का हवाला देने के बाद कर्मी केन देने को राजी हुए।

Uproar at Sahu petrol pump in Silli: Customer asked for diesel, given adulterated petrol in a bottle
यह नोटिस सिर्फ दिखावे के लिए लगाया गया है।

डेंसिटी टेस्ट में भी खेल

असली विवाद तब शुरू हुआ जब ग्राहक ने 5 लीटर डीजल मांगा, लेकिन पंप कर्मियों ने उसे केन में पेट्रोल भरकर दे दिया। ग्राहक का आरोप है कि वह पेट्रोल भी अत्यधिक मिलावटी (पानी या घटिया क्वालिटी का सॉल्वेंट मिश्रित) था। जब ग्राहक ने मिलावट का शक होने पर जांच की मांग की, तो पंप प्रबंधन ने नियमानुसार फिल्टर पेपर देने के बजाय एक गेज (नॉन-स्टैंडर्ड पैमाना) से नापकर खानापूर्ति करने की कोशिश की। नियमों के मुताबिक पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 820 (मानक रेंज) के बीच होनी चाहिए, जो जांच के दौरान गायब मिली।

सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति

साहू पेट्रोल पंप की पड़ताल करने पर सरकारी नियमों और अनिवार्य उपभोक्ता सुविधाओं की जमकर धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। मौके पर निम्नलिखित कमियां पाई गईं:

शिकायत रजिस्टर गायब : ग्राहकों की सहूलियत के लिए अनिवार्य 'कम्प्लेंट बुक' पंप पर मौजूद ही नहीं थी।

 शौचालय बदहाल : महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग साफ शौचालय की व्यवस्था सिर्फ नाम की थी।

 पीने का पानी नहीं : आरओ (RO) या वॉटर कूलर की कोई व्यवस्था नहीं दिखी।

 फ्री हवा की मशीन ठप : टायरों में मुफ्त हवा भरने की मशीन बंद पड़ी थी।

 फर्स्ट एड बॉक्स खाली : आपातकालीन पट्टी, एंटीसेप्टिक या जरूरी दवाएं नदारद थीं।

पूरे सिल्ली-मुरी क्षेत्र का यही हाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल साहू पेट्रोल पंप की नहीं है। सिल्ली और मुरी क्षेत्र में संचालित अधिकतर पेट्रोल पंपों का कमोबेश यही हाल है, जहां घटिया ईंधन और सुविधाओं के अभाव में उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग से इन पंपों के खिलाफ औचक निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

तकनीकी बिंदु को समझिए 

 1.पेट्रोल/डीजल डेंसिटी का मानक : सरकारी और तेल कंपनियों के नियमों के अनुसार, मानक तापमान (15 डिग्री सेल्सियस) पर पेट्रोल की शुद्ध डेंसिटी 720 से 775 kg/m और डीजल की डेंसिटी 820 से 860 kg/m³ के बीच होनी चाहिए। (प्रायोगिक तौर पर यह तापमान के अनुसार 730-800 के आसपास दिखती है)। पंप पर डेंसिटी का सही न मिलना सीधे तौर पर मिलावट या घटिया सॉल्वेंट की मौजूदगी की ओर इशारा करता है।

 2. उपभोक्ता अधिकार (MDG नियम) : 'विपणन अनुशासन दिशानिर्देश' (MDG) के तहत हर पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को मुफ्त हवा, साफ पीने का पानी, चालू फर्स्ट एड बॉक्स, महिलाओं/पुरुषों के लिए साफ शौचालय, डेंसिटी चेक करने के लिए हाइड्रोमीटर/थर्मामीटर और मिलावट जांच के लिए फिल्टर पेपर देना कानूनी रूप से अनिवार्य है। शिकायत पुस्तिका न रखना या इन सुविधाओं को न देना पंप का लाइसेंस रद्द होने का कारण बन सकता है।


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