सीएम सोरेन हेमंत सोरेन ने कहा-राशन वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सीएम ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि राशन वितरण में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार का ध्येय हर नागरिक के जीवन स्तर को उन्नत बनाना है। इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लिया जाए। बैठक में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विभागीय मंत्री इरफान अंसारी के साथ समीक्षा बैठक करते सीएम हेमंत सोरेन।
तकनीक से रुकेगी गड़बड़ी, अपात्रों पर कड़ाई
समीक्षा के दौरान सीएम ने तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड से जुड़े मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए। नए पात्र परिवारों को तुरंत योजना से जोड़ा जाए, जबकि अपात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर निकाला जाए, ताकि व्यवस्था पारदर्शी बन सके।
मजदूरों के लिए बनेंगे मॉडल दाल-भात केंद्र
राज्य में वर्तमान में 370 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां ₹5 में भरपेट भोजन मिलता है। सीएम ने इन केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों (अर्बन लेबर) के लिए जगह चिन्हित कर नए केंद्र स्थापित किए जाएं। साथ ही, कुछ केंद्रों को 'मॉडल दाल-भात केंद्र' के रूप में विकसित किया जाए।
सीएम ने लाइव बातचीत कर ली फीडबैक
बैठक के दौरान जब धान अधिप्राप्ति की समीक्षा हुई, तो सामने आया कि 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले राज्य में अब तक 49 लाख 25 हजार क्विंटल धान की खरीदारी हो चुकी है। जमीनी हकीकत जानने के लिए सीएम ने तुरंत कारीमाटी के किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से ऑनलाइन वीडियो कॉल पर बात की। किसान ने उत्साहपूर्वक बताया कि उसने पैक्स (PAKS) के माध्यम से 160 क्विंटल धान बेचा था, जिसका पूरा भुगतान उसे मात्र एक दिन के भीतर मिल गया। सीएम ने इस त्वरित व्यवस्था पर संतोष जताया। उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के मुख्य निर्देश
पीवीटीजी डाकिया योजना : आदिम जनजाति (PVTG) परिवारों को उनके घर तक (डोर स्टेप) खाद्यान्न की ससमय और निर्बाध आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित हो।
गोदामों का कायाकल्प : अनाज की बर्बादी रोकने के लिए पुराने गोदामों की मरम्मत और नए गोदामों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
2026-27 की कार्ययोजना : आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित सभी योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जनकल्याणकारी योजनाएं : सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
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