![]() |
| कार्यक्रम में सुधीर पाल को सम्मानित करते महली समाज के लोग। |
माहली समाज की ओर से झारखंड पोनोत के जोग माझी शंकर सेन माहली, तोरोप परगना बसुदेव मार्डी, पुड़सी माझी सूराई बास्के, माझी बाबा सोबरा हेम्ब्रम, नरेश माहली और बिदु माहली सहित कई पारंपरिक प्रमुखों ने सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
ग्राम सभा व स्वशासन व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
सम्मेलन में मुख्य रूप से PESA नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं के गठन और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की भूमिका पर मंथन हुआ। माहली समाज के प्रतिनिधियों ने इस नियमावली को ग्राम स्वराज, आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा और ग्राम सभा सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को इसके सफल क्रियान्वयन में समाज की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
नोडल पदाधिकारी सुधीर पाल सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में माहली समाज के प्रतिनिधियों और एसएलएमटी (SLMT) सदस्य पंचानन सोरेन ने पंचायती राज विभाग के नोडल पदाधिकारी सुधीर पाल को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें PESA नियमावली के क्रियान्वयन के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए दिया गया।
माहली समाज ने उम्मीद जताई कि PESA नियमावली 2025 के धरातल पर उतरने से ग्राम सभाएं बेहद मजबूत होंगी। साथ ही आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को एक नई ताकत मिलेगी।

एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.