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| एक होटल में मिठाइयों की जांच करते विभाग के कर्मचारी। |
जलेबी-लड्डू में कपड़ा रंगनेवाला रंग, कैंसर का खतरा
विभाग की टीम ने जब होटलों में मौजूद मिठाइयों के सैंपल की जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। होटल संचालक जलेबी और लड्डू को आकर्षक बनाने के लिए उसमें कपड़ा रंगने वाले रंग (सिंथेटिक डाई) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे। जांच अधिकारियों ने बताया कि यह रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इसके नियमित सेवन से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। इसके अलावा रसगुल्ले में भी बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी पकड़ी गई।
गुपचुप के छोले और हल्दी पाउडर भी निकले दूषित
कार्रवाई के दौरान टीम ने सिर्फ होटलों ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे लगने वाले गुपचुप (गोलगप्पे) के ठेलों की भी जांच की। वहाँ भी छोले में उसी खतरनाक कपड़ा रंगने वाले रंग का इस्तेमाल पाया गया। इसके साथ ही दुकानों में बिकने वाले हल्दी पाउडर की जांच में उसकी गुणवत्ता बेहद खराब और अमानक स्तर की पाई गई।
नष्ट कराई गईं मिठाइयां, दी गई सख्त हिदायत
फूड सेफ्टी विभाग के कर्मियों ने मौके पर ही सभी होटल संचालकों को दूषित मिठाइयों और खाद्य पदार्थों को तुरंत हटाने और नष्ट करने का आदेश दिया। दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि आगे से इस तरह के घातक रंगों का इस्तेमाल या किसी भी प्रकार की मिलावटखोरी न करें।
मिलावटखोरी पर सील होंगी दुकानें
विभाग के कर्मियों ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर यह विशेष जांच-सह-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी छोटे-बड़े खाद्य व्यवसायियों को अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस लेने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने, बिना लाइसेंस दुकान चलाने या मिलावटखोरी करते पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और दुकान को हमेशा के लिए सील कर दिया जाएगा।
आम जनता से सहयोग की अपील
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी दुकान या होटल में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी की आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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