GA4-314340326 करोड़ों की योजना डकार गए अफसर-नेता, बूंद-बूंद पानी को तरस रही 30 हजार की आबादी

करोड़ों की योजना डकार गए अफसर-नेता, बूंद-बूंद पानी को तरस रही 30 हजार की आबादी

 गिरिडीह में ₹27.44 करोड़ की पेयजलापूर्ति योजना सफेद हाथी साबित, त्राहिमाम कर रही जनता ने अब डीसी दफ्तर घेरने का किया ऐलान

Giridih Officers and politicians have swallowed crores of rupees worth of schemes, leaving a population of 30,000 desperate for water.
बैठक में बोलते पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव।
गिरिडीह : सरकारी फाइलों में योजनाएं कितनी भी चमचमाती हों, लेकिन धरातल पर उनकी हकीकत क्या है, यह गिरिडीह सदर प्रखंड में साफ देखा जा सकता है। क्षेत्र की चार पंचायतों को पानी पिलाने के नाम पर 27.44 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन इस भीषण गर्मी में यहां की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है। नेताओं के खोखले दावों और विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही के खिलाफ अब ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। पानी के इस गंभीर संकट को लेकर आगामी 30 मई को प्रभावित जनता गिरिडीह समाहरणालय (डीसी कार्यालय) का घेराव कर आर-पार का आंदोलन शुरू करने जा रही है।

 खोखले साबित हुए चुनावी वादे

इस विकराल जल संकट को लेकर रविवार को बेरदोंगा पंचायत भवन के समक्ष प्रभावित चारों पंचायतों के ग्रामीणों की एक महाबैठक हुई। बैठक में जुटे लोगों का गुस्सा स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले पर साफ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि चुनाव के समय वोट लेने के लिए बड़े-बड़े वादे करने वाले सांसद, विधायक और मंत्री आज इस संकट काल में जनता को बेसहारा छोड़कर गायब हैं। जनता प्यासी मर रही है और संबंधित विभाग के अधिकारी एसी कमरों में बैठकर मौज उड़ा रहे हैं।

 एक महीने से अनसुना किया जा रहा सत्याग्रह

बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव ने कहा कि इस समस्या को लेकर ग्रामीण पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। इससे पहले 1 मई, फिर 14 मई और अब 24 मई को भी ग्रामीणों ने प्रशासन को जगाने का प्रयास किया, लेकिन बहरे हो चुके सिस्टम ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अब बाध्य होकर 30 मई को 'पानी दो आंदोलन' के तहत सीधे उपायुक्त के समक्ष सीधे मोर्चा खोला जाएगा।

 जन-प्रतिनिधियों का भी मिला समर्थन

पार्टी नेता संजय चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस जन-आक्रोश को अब स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का भी खुला समर्थन मिल गया है। बेरदोंगा पंचायत के मुखिया अर्जुन मरांडी एवं पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बिरका हांसदा ने कहा कि पानी का यह संकट अब बर्दाश्त की सीमा से बाहर हो चुका है और इस लड़ाई में पूरी पंचायत एकजुट है।

आंदोलन की तैयारी में जुटे ग्रामीण

30 मई के डीसी दफ्तर घेराव को सफल बनाने के लिए चारों पंचायतों में कमेटियां बनाई जा रही हैं। बैठक में मुख्य रूप से मनोज यादव, द्वारिक कोल, रियाज अंसारी, संतोष राय, भीमलाल पंडित, भीमलाल कोल, पूरन कोल, राजकुमार कोल, श्यामलाल कोल, राजू कोल, भुनेश्वर कोल, रामेश्वर कोल, कुंती देवी, आदित्य गुप्ता, मोतीलाल हांसदा, ललिया देवी, कुना देवी, बेबी देवी, सहोदरी देवी, अर्जुन यादव, कारी देवी, गीता देवी, पोदीना देवी, अमिया देवी, बसमतिया देवी, सविता देवी, राधिका देवी, सुरजी देवी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।





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