GA4-314340326 रांची : अंचलों में लगा जनता दरबार, 850 से अधिक शिकायतों का हुआ त्वरित समाधान

रांची : अंचलों में लगा जनता दरबार, 850 से अधिक शिकायतों का हुआ त्वरित समाधान

जनता की समस्या सुनते व आवेदन पढ़ते अंचल अधिकारी।
रांची : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की पहल पर रांची जिले के सभी अंचलों में मंगलवार को 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस मुहिम के तहत आज 21 अप्रैल 2026 को विभिन्न अंचलों में 854 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया गया। 

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां, उपायुक्त स्वयं हर सोमवार को समाहरणालय में फरियादियों की समस्या सुनते हैं, वहीं उनके निर्देश पर हर मंगलवार को अंचल अधिकारी (CO) अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर राजस्व, पेंशन और प्रमाण पत्रों से जुड़ी शिकायतों का समाधान कर रहे हैं।

अंचलवार निष्पादन की रिपोर्ट: जनता दरबार में मुख्य रूप से जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, जाति-आय-आवासीय प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मामले सामने आए। अंचलवार कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

रातू : यहां सर्वाधिक 164 आवेदनों का निपटारा हुआ। इसमें दाखिल-खारिज के 30, जन्म प्रमाण पत्र के 25 और आय-आवासीय के 73 मामले शामिल हैं।

बेड़ो : अंचल कार्यालय में 191 आवेदन निष्पादित किए गए। यहाँ आवासीय प्रमाण पत्र के 65 और आय प्रमाण पत्र के 58 मामलों का समाधान हुआ।

चान्हो : कुल 107 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिसमें जाति प्रमाण पत्र के 56 मामले प्रमुख रहे।

मांडर : यहां 102 शिकायतों का समाधान किया गया, जिनमें 18 मामले सर्वजन पेंशन से संबंधित थे।

सोनाहातू : कुल 63 आवेदनों का निष्पादन हुआ। विशेष रूप से बरेन्दा ग्राम के अतुल प्रसाद महतो को पशु मृत्यु के मुआवजे के रूप में ₹50,000 की राशि प्रदान की गई।

खलारी-इटकी : दोनों अंचलों में 61-61 आवेदनों का निपटारा किया गया।

राहे : कुल 60 आवेदन निष्पादित हुए, जिनमें आय और आवासीय प्रमाण पत्र के 15-15 मामले शामिल थे।

सिल्ली : यहां 55 आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया।

लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन का निर्देश देते हुए कहा कि यदि जनता दरबार में पुरानी शिकायतों की पुनरावृत्ति होती है, तो संबंधित कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपने छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े और पंचायत स्तर पर ही उन्हें संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध हो।



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

और नया पुराने