GA4-314340326 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से पीएम मोदी का हुंकार: पुरानी नीतियों से 21वीं सदी का भारत नहीं चलेगा, अब सेमीकंडक्टर क्रांति की बारी

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से पीएम मोदी का हुंकार: पुरानी नीतियों से 21वीं सदी का भारत नहीं चलेगा, अब सेमीकंडक्टर क्रांति की बारी

* वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर पीएम का बड़ा संदेश : स्वदेशी अपनाएं, विकसित भारत @2047 का सपना सच करें; 13वीं बार फहराया तिरंगा
* वंदे मातरम' का ऐतिहासिक गूंज : लालकिले की प्राचीर से गूंजा राष्ट्रीय गीत; देशभक्ति के नए संचार के साथ मना 150वां वर्ष।
* 21वीं सदी के भारत के लिए पुरानी व्यवस्थाओं और अप्रासंगिक कानूनों को खत्म करने का आह्वान।

PM Modi's roar from the Red Fort on 80th Independence Day: 21st-century India will not run on old policies, now it is the turn of the semiconductor revolution #novbhaskar
लालकिले से राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
नई दिल्ली (#novbhaskar) : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने 73 मिनट के संबोधन में उन्होंने विकसित भारत @2047 के संकल्प को दोहराते हुए कड़ा संदेश दिया कि देश अब पिछली सदी के घिसे-पिटे कानूनों और व्यवस्थाओं के सहारे आगे नहीं बढ़ सकता। इस बार का स्वतंत्रता दिवस 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और भी खास रहा, जब लालकिले से पहली बार राष्ट्रीय गीत का भव्य गायन हुआ।

सेमीकंडक्टर क्रांति: अगले 7-8 साल में बनेंगे 5 से 8 नए प्लांट

तकनीक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का विजन सामने रखते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में तकनीक के नए युग की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले 7 से 8 वर्षों में भारत में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि विदेशी निर्भरता को खत्म करके ही 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

दुनिया की नजरें भारत पर, पुरानी सोच से आगे बढ़ना होगा

ग्लोबल आर्थिक चुनौतियों और रूस-यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया के तनावों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब 140 करोड़ आबादी वाला देश आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया का नजरिया बदल जाता है। उन्होंने कहा कि हम 21वीं सदी की चुनौतियों से 20वीं सदी के नियमों के जरिए नहीं लड़ सकते। भारत को अगर 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमें हर उस व्यवस्था को बदलना होगा जो देश की प्रगति में रोड़ा बनी हुई है।

नागरिक देवो भव: के मंत्र से हर संकट का समाधान

वैश्विक मंदी और ईंधन-उर्वरक की किल्लत जैसे वैश्विक संकटों के बीच भारत की मजबूती का श्रेय देते हुए पीएम ने कहा कि सरकार ने नागरिक देवो भव: की भावना के साथ काम किया है। इसी वजह से देश अफवाहों और डर के माहौल को दरकिनार करते हुए आज ऊर्जा और विनिर्माण के क्षेत्र में मजबूती से खड़ा है।

एक नजर में : पीएम संबोधन के बड़े टेक-अवे

राष्ट्रीय गौरव : राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150वें साल पर विशेष नमन और स्वदेशी संकल्प।

युवा शक्ति का आह्वान : पीएम ने देश के युवाओं से देश को ज्ञान, इनोवेशन और तकनीक का ग्लोबल हब बनाने का आह्वान किया।

वोकल फॉर लोकल : स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर फिर जोर, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिले।



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