मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में बनी सहमति
![]() |
| बैठक के दौरान फाइल का परीक्षण करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। |
बैठक में पर्षद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 42 मामलों पर भी नए सिरे से विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने सजायाफ्ता बंदियों की रिहाई से जुड़े निर्धारित मानकों, पात्रता की शर्तों, उनके आचरण, जेल की अवधि, विधिक प्रावधानों और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों व प्रोबेशन अधिकारियों के मंतव्य की बिंदुवार समीक्षा की। राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल खोलने के लिए भूमि का चिन्हितीकरण कर जल्द प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जेल में बंद या रिहा हो चुके मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
सुधारात्मक दृष्टिकोण और पुनर्वास पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार न्याय, संवेदनशीलता और मानवता के संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेल से रिहा होने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि वे कानून के दायरे में रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

إرسال تعليق
please do not enter any spam link in the comment box.