धनंजय प्रसाद बोले- गिरिडीह से मिला अपार प्रेम जीवनभर याद रहेगा
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| धनंजय प्रसाद को पुष्पगुच्छ भेंट करते चुन्नु कांत व अन्य। |
समारोह में मुख्य रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तंड प्रताप मिश्रा, न्यायाधीश प्रभारी महबूब आलम, गिरिडीह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सहाय, महासचिव चुन्नू कांत, स्टेट बार काउंसिल सदस्य परमेश्वर मंडल, मीरा कुमारी, शिवेंद्र कुमार, विशाल आनंद आदि उपस्थित थे।
अधिवक्ताओं का स्नेह व सम्मान अप्रत्याशित: प्रसाद
विदाई संदेश में प्रसाद अपने अनुभवों को याद कर भावुक हो उठे। बोले- मैं पहली बार गिरिडीह न्यायालय में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बनकर आया था और दूसरी बार कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर सेवा देने का अवसर मिला। न्यायिक सेवा में स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है। यद्यपि मुझे यहां अपना पूरा कार्यकाल व्यतीत करना था, परंतु स्वास्थ्य कारणों से मैंने उच्च न्यायालय से स्थानांतरण का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। गिरिडीह के अधिवक्ताओं से मुझे जो प्रेम व सम्मान मिला, उसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायिक दायित्व निभाते समय भावनाओं पर नियंत्रण रखकर दोनों पक्षों की बात सुनना और निष्पक्ष निर्णय देना ही सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। अपने कार्यकाल के दौरान यदि अनजाने में भी किसी को ठेस पहुंची हो, तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं।
प्रधान जिला जज ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि स्थानांतरण सेवा का एक अभिन्न हिस्सा है। धनंजय प्रसाद ने गिरिडीह में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। पूरा न्यायिक परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता है।
समारोह का सफल मंच संचालन बार एसोसिएशन के महासचिव चुन्नू कांत ने किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित सदस्यों एवं अधिवक्ताओं ने श्री प्रसाद को उनके नए दायित्व के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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