पत्थरों से लदी बोलेरो जब्त, चालक फरार
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तस्करों से जब्त बोरों में भरा बेरिल पत्थर। |
गुप्त सूचना पर भेलवा के समीप घेराबंदी
मामले की जानकारी देते हुए वनपाल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सहायक वन संरक्षक (गावां) को गुप्त सूचना मिली थी कि डोडलखार जंगल के रास्ते अवैध बेरिल पत्थरों की एक बड़ी खेप बोलेरो गाड़ी में लादकर जामडार की ओर ले जाई जा रही है।
सूचना की पुष्टि होते ही वनपाल राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गावां-पटना मुख्य मार्ग पर स्थित भेलवा के पास घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोक लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में सफेद बेरिल पत्थर लदे पाए गए। रात का फायदा उठाकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वन विभाग की टीम ने वाहन (संख्या के आधार पर मालिक की पहचान जारी) को जब्त कर गावां वन परिसर लाकर खड़ा कर दिया है और वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
माफिया और मालिक की पहचान में जुटी पुलिस
वन विभाग की टीम ने बताया कि वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से इसके मालिक और चालक की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय खनन माफिया और अन्य संलिप्त लोगों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी कीमत पर अवैध खनन और परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस छापेमारी दल में मुख्य रूप से उप वन परिसर पदाधिकारी जिलाजीत कुमार, रोशी रंजन सहित वन विभाग के अन्य पुलिस बल व कर्मी शामिल थे।
जानिए, 'बेरिल' पत्थर का उपयोग और कीमत
बेरिल (Beryl) पत्थर एक अति दुर्लभ और मूल्यवान खनिज (Gemstone) है। यह मुख्य रूप से बेजियम एल्युमिनियम साइक्लोसिलिकेट का रूप होता है। रंग और पारदर्शिता के आधार पर इसके कई रूप होते हैं, जिनमें 'पन्ना' (Emerald) और 'एक्वामरीन' (Aquamarine) सबसे प्रसिद्ध हैं।
पारदर्शी और चमकदार बेरिल का उपयोग कीमती गहनों, अंगूठियों और रत्नों में किया जाता है। गैर-पारदर्शी बेरिल से 'बेरिलियम' (Beryllium) धातु निकाली जाती है, जिसका उपयोग एयरोस्पेस (अंतरिक्ष विज्ञान), रक्षा उपकरणों, परमाणु रिएक्टरों, उच्च तकनीक वाले मिश्र धातुओं और इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है।
रत्न बजार में क्या है कीमत
गहनों में इस्तेमाल होने वाले उच्च गुणवत्ता के बेरिल पत्थरों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹2,000 से ₹15,000 प्रति कैरेट तक हो सकती है। वहीं, औद्योगिक ग्रेड के अवैध खनन किए गए कच्चे बेरिल पत्थरों की ब्लैक मार्केट में कीमत लाखों रुपये प्रति टन तक आंकी जाती है।
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| जब्त बोलेरो के साथ वन विभाग के लोग। |


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