GA4-314340326 डॉक्टर्स के बीच मारपीट व गाली गलौज मामले को लेकर गठित की गई चार सदस्यीय जांच समिति, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

डॉक्टर्स के बीच मारपीट व गाली गलौज मामले को लेकर गठित की गई चार सदस्यीय जांच समिति, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

KANKE,(RANCHI)। रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा शिक्षा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (रिनपास) में शुक्रवार को ओपीडी में डॉक्टर्स के बीच हुए मारपीट की घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। रिनपास के उप निदेशक प्रशासन मिथिलेश कुमार चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को वरीय अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। पूर्व निदेशक सह विभागाध्यक्ष क्लीनिकल साइकोलॉजी डिपार्टमेंट डॉक्टर अमूल रंजन सिंह की अध्यक्षता में गठित कमिटी में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ विनोद कुमार महतो, डॉक्टर पीपी साह तथा डॉक्टर मनीषा किरण को शामिल किया गया हैं। इस कमिटी को घटनाक्रम कि विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट उप निदेशक प्रशासन को सौंपना है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। बताते चलें शुक्रवार को संस्थान के ओपीडी में डॉक्टर जेके सोलंकी और डॉक्टर सिद्धार्थ सिन्हा के बीच कथित तौर पर मारपीट और गाली गलौज की घटना हुई थी। आधे घंटे से अधिक समय तक जोरदार हंगामा मरीजों, उनके अभिभावकों, कर्मियों तथा चिकित्सकों की मौजूदगी में होता रहा। डॉक्टर जेके सोलंकी ने कथित तौर पर बीच बचाव करने गए डॉक्टरों को भी धक्का दिया तथा गालियाँ दी थीं। इस मामले में ओपीडी के वरीय लिपिक अनिल साहू और सहजनाथ ने अपनी लिखित रिपोर्ट मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ विनोद कुमार महतो को सौंपी थीं। चिंताजनक बात यह है कि घटना के समय संस्थान के अपने कक्ष में प्रभारी निदेशक बैठीं हुईं थीं, लेकिन तत्काल उनके स्तर पर इसको रोकने के लिए कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। इस घटना तथा पूर्व में डाॅक्टर्स डे के अवसर पर निदेशक कक्ष में आयोजिय सम्मान समारोह के बहाने हुए निजी ज्वेलरी कंपनी के प्रमोशन का वीडियो मीडिया में आने तथा प्रसारित होने से संस्थान की काफी किरकिरी हुई है। संस्थान की लचर प्रशासनिक व्यवस्था उजागर हुई है। अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को बनाए रखने के लिए अधिकारियों व कर्मियों के लिए जारी किया गया दिशा निर्देश : इस घटना के बाद हाल में संस्थान में पदस्थापित किए गए उपनिदेशक प्रशासन मिथिलेश कुमार चौधरी ने संज्ञान लिया है। उनके द्वारा संस्थान में कर्मियों और अधिकारियों के बीच अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए गए। कोई भी अधिकारी, चिकित्सक, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति संस्थान परिसर में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ अथवा नशीले पदार्थ के सेवन की अवस्था ( में प्रवेश नहीं करेगा। संस्थान परिसर में किसी भी प्रकार के नशीले अथवा हानिकारक पदार्थ का सेवन अथवा उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही संस्थान परिसर में किसी भी प्रकार के हथियार, आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, विस्फोटक अथवा अन्य किसी भी प्रकार की खतरनाक सामग्री लाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावे रिनपास से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, दस्तावेज, वीडियो, फोटोग्राफ अथवा अन्य सामग्री निदेशक या उपनिदेशक की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करना प्रशासनिक आदेश की अवहेलना माना जाएगा तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध झारखंड सेवा नियमावली एवं प्रचलित सेवा नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए संस्थान में निर्धारित एवं शालीन ड्रेस कोड में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इनमें से किसी भी निर्देश का उल्लंघन प्रशासनिक त्रुटि माना जाएगा तथा संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध प्रचलित सेवा नियमों एवं अनुशासनात्मक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि संस्थान में अनुशासन, गरिमा, पारदर्शिता तथा रोगियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, अव्यवहारिक आचरण अथवा संस्थान की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने वाले कृत्य को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संस्थान की गरिमा एवं सेवा मूल्यों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा गया है।

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