GA4-314340326 अनगड़ा में 2 हाथियों का तांडव: वन विभाग ने बांटे पटाखे, जिप सदस्य बोले- अधिकारी एसी में मस्त, ग्रामीण पस्त

अनगड़ा में 2 हाथियों का तांडव: वन विभाग ने बांटे पटाखे, जिप सदस्य बोले- अधिकारी एसी में मस्त, ग्रामीण पस्त

पटाखा का वितरण करते वनपाल
angara(ranchi) अनगड़ा प्रखंड के ओबर, बदरी, सिंगारी और टाटी गांव में पिछले एक पखवाड़ा से दो जंगली हाथियों का खौफ छाया हुआ है। हाथियों के लगातार हमले से ग्रामीणों में इस कदर दहशत है कि सूरज ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है और अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन जाते है। हाथी सबसे ज्यादा पीडीएस दुकानों,  सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील(एमडीएम), कच्चे मकान व ग्रामीणों के खेत में लगे फसलों को लगातार निशाना बना रहे है। वे राशन तो खाते ही है शेष अनाज को पूरी तरह बर्बाद करके पास के जंगलों में छिप जाते है। 

वनपाल ने बांटे पटाखे, दी लाल मिर्च जलाने की सलाह 

शुक्रवार को वन विभाग अनगड़ा की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। प्रभारी वनपाल नितिन गुप्ता ने खुद गांव-गांव जाकर ग्रामीणों के बीच पटाखे बांटे। उन्होंने ग्रामीणों को बचाव का तरीका बताते हुए कहा कि “जैसे ही गांव में हाथी आए, तुरंत पटाखे फोड़ें और अपने घरों के आगे लाल मिर्च जलाएं। मिर्च की तीखी गंध और पटाखों के शोर से हाथी डरकर भाग जाएंगे।” इधर, वन विभाग की इस पहल से स्थानीय जनप्रतिनिधि संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है। अनगड़ा पूर्वी के जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र शाही मुंडा ने वन विभाग की ढुलमुल कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। राजेन्द्र शाही मुंडा ने कहा कि "वन विभाग हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। अधिकारी अपने दफ्तरों में एसी कमरों में आराम फरमा रहे है और निरीह ग्रामीण अपनी जान बचाने को मजबूर है। पटाखे बांटना केवल खानापूर्ति है। अगर विभाग ने कोई ठोस कार्ययोजना बनाकर हाथियों को जल्द क्षेत्र से बाहर नहीं खदेड़ा, तो हम उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।"

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