GA4-314340326 गिरिडीह में हाथियों का आतंक: ड्रोन से ट्रैकिंग कर 28 हाथियों के झुंड को खदेड़ा, दो रात चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू

गिरिडीह में हाथियों का आतंक: ड्रोन से ट्रैकिंग कर 28 हाथियों के झुंड को खदेड़ा, दो रात चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू

 पीरटांड़ के रिहायशी इलाकों में घुसा था सरिया से आया हाथियों का दल; वन विभाग की QRT टीम और ग्रामीणों ने सूझबूझ से जंगल में वापस खदेड़ा

Elephant terror in Giridih: A herd of 28 elephants was chased away by drone tracking, a high-voltage rescue operation lasted for two nights.
दुनिया सरिया क्षेत्र में हाथियों का झुंड।
गिरिडीह : गिरिडीह वन प्रक्षेत्र के पीरटांड़ अंतर्गत दुधनिया गांव में सरिया क्षेत्र से भटके 28 हाथियों के एक विशाल झुंड ने दस्तक दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, वन विभाग की तत्परता और आधुनिक तकनीक के सटीक तालमेल से एक बड़ा हादसा टल गया। अत्याधुनिक ड्रोन की मदद से हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर विशेष ड्राइव टीम, क्यूआरटी (QRT) वाहन और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से झुंड को रिहायशी इलाकों से खदेड़कर सुरक्षित वनों की ओर भेज दिया गया है।

दो रातों तक चला वन विभाग का महाभियान 

गिरिडीह के वन क्षेत्र पदाधिकारी एस. के. रवि ने बताया कि मानव-हाथी द्वंद्व (Man-Elephant Conflict) को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो दिनों तक रात भर विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान हाथियों के झुंड को पीरटांड़ के दुधनिया, कठवारा, कुम्हारलालो, नावाडीह, प्रतापपुर, पारसबनी, जंगो, बिशुनपुर, खेताडाबर और अंगिया होते हुए उनके तय कॉरिडोर (Corridor) में सुरक्षित वापस ड्राइव किया गया।

वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी: रेंजर

हाल के दिनों में विभिन्न क्षेत्रों से सामने आईं मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से सजग रहने की अपील की है। रेंजर एसके रवि ने कहा कि जान-माल के नुकसान से बचने के लिए विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।

मानव के साथ-साथ हाथी समेत सभी जीव पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं। वन्यजीवों का संरक्षण और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।    -एसके रवि, वन क्षेत्र पदाधिकारी, गिरिडीह


 

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