GA4-314340326 हुंडरू फाल में डूब रहे संत जेवियर स्कूल व गोस्नर कालेज के तीन छात्रों को बचाया

हुंडरू फाल में डूब रहे संत जेवियर स्कूल व गोस्नर कालेज के तीन छात्रों को बचाया


प्रत्यूष को सीपीआर देते दोस्त
अनिल कुमार चौधरी/ angara(ranchi)  हुंडरू फॉल में डूब रहे तीन छात्रों जिसमें संत जेवियर स्कूल रांची के प्लस टू इंटर साइंस् के दो व गोस्कर कालेज इंटर साइंस के एक छात्र को डूबने से बचा लिया गया। घटना रविवार के दोपहर एक बजे की है। डूबने से बचाये गये तीनों छात्र प्रत्यूष राज(20), पीयूष राज(19) व गुलशन कुमार(20) रांची के चुटिया पावर हाउस चौक के पास एक लोज में रहकर पढ़ाई करते है। सभी छतरपुर पलामू के रहनेवाले है। प्रत्यूष व पीयूष दोनों जेवियर स्कूल के इंटर साइंस व गुलशन कुमार गोस्नर कालेज के इंटर साइंस के छात्र है। ज्ञात हो कि हुंडरू फाल के विभिन्न लोकेशनों में पिछले पांच साल के दौरान दो दर्जन से अधिक सैलानियों को डूबने से बचाया गया है। 19 जून 2025 को हावड़ा बंगाल से घूमने आये सैलानी कृष कुमार, 14 अक्टूबर 2025 को बोकारो लालपनिया के रंजन कुमार महतो, 15 नवंबर 2025 को आई चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल चुरचू हजारीबाग के तीन छात्रों बाकेश कुमार, तौफिक व सौरव कुमार को डूबने से बचाया गया था।    

तैरना जानते नही थे लेकिन डूबते दोस्त को बचाने तेज धारा में कूदे

दो बाइक में सवार होकर चार दोस्त प्रत्यूष राज, पीयूष राज, गुलशन कुमार व सुमित कुमार रविवार को हूंडरू फाल घूमने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चारों दोस्त हुंडरू फॉल के खतरनाक व जानलेवा जोगिया दह के ‌पास सेल्फी ले रहे थे। सेल्फी लेने के क्रम में प्रत्यूष राज असंतुलित होकर बहते पानी में गिर गया और डूबने लगा। डूब रहे प्रत्यूष को बचाने के लिए उसके दो दोस्त पीयूष राज, गुलशन कुमार भी पानी में कूद गये। लेकिन तब तक प्रत्यूष राज करीब 25 फीट गहरे पानी के नीचे चला गया। कोई तैरना नही जानता था। जिस कारण तीनों दोस्त पानी में डूबने लगे। अपने तीन दोस्तों को डूबते देख चौथा दोस्त सुमित कुमार बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगा। चिल्लाने की आवाज सुनकर फाल के पास गश्त लगा रहे पर्यटनकर्मी चन्द्र उदय बेदिया, जीतवाहन भोगता, रंजन बेदिया, महेश्वर बेदिया के अलावा जीतू बेदिया दौड़कर वहां पहुंचे। सभी ने पानी में छलांग लगा दी व डूब रहे तीनों दोस्तों को बाहर निकाला। गहरे पानी से निकाले गया प्रत्यूष बेहोश था, धड़कन बंद थी व नाक व मुंह से लगातार झाग निकल रहा था। सभी ने उसे मृत मान लिया।  

......वो रहस्यमयी महिला चिकित्सक

बचाया गया प्रत्यूष
रहस्यमय तरीके से महिला चिकित्सक पहुंची व प्रत्यूष को बचाया पर्यटन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि घटना के बाद जैसे ही तीनों दोस्तों को पानी से बाहर निकालकर जमीन पर लेटाया गया, तभी अचानक से वहां पर एक महिला चिकित्सक पहुंची। प्रत्यूष की स्थिति देख सभी ने उसे मृत मान लिया था, लेकिन महिला चिकित्सक ने प्रत्यूष की जांच की और तत्काल पर्यटनकर्मियों से सीपीआर(कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन यानि कृत्रिम सांस) देने को कहा। स्वयं भी लगातार प्रत्यूष के छाती, दिल, पेट के विभिन्न अंगों को जोर जोर से पुशअप करने लगी। पर्यटनकर्मी चन्द्र उदय बेदिया व तीनों दोस्तों ने बारी बारी से उसे सीपीआर दिया। कुछ देर बाद प्रत्यूष का धड़कन चलना शुरू हो गया। उसे होश आ गया। पीछे मुड़कर सभी ने महिला चिकित्सक को धन्यवाद देना चाहा तो वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। राजकिशोर प्रसाद बताते है प्रत्यूष की जान बचाने के बाद वह कहां चली गई पता ही नही चला।    

चन्द्र उदय बना “जीवन उदय”

   
सैलानियों की जान बचाने वाला चन्द्र उदय बेदिया
डूब रहे सैलानियों के लिए चन्द्र उदय बना “जीवन उदय” हुंडरू फाल में तैनात पर्यटकमित्र लाइफ सेवर चन्द्र उदय बेदिया डूब रहे सैलानियों के लिए “जीवन उदय” बना हुआ है। वर्ष 2009 से चन्द्र उदय बेदिया हुंडरू फाल झरना के पास लाइफ सेवर का काम कर रहा है। पिछले 16 सालों में चन्द्र उदय ने डूब रहे या पानी की तेज प्रवाह में बह रहे करीब डेढ़ दर्जन सैलानियों की जान बचाया है। आज भी चन्द्र उदय ने ही डूब रहे तीनों छात्रों की जान बचाया। उसे पानी से बाहर निकाला। हुंडरू बस्ती के रहनेवाले चन्द्र उदय प्रतिदिन सुबह आठ बजे जलप्रपात पहुंचे जाते हे। साथ में रस्सी व लाइफ जैकेट भी रखते है। जैसे ही सैलानियों का हुंडरू झरना के पास आवागमन बढ़ता है चन्द्र उदय की व्यस्तता बढ़ जाती है। उसे रंजन बेदिया सहित अन्य का सहयोग मिलता है। सभी सैलानियों के सुरक्षित निकलने के बाद ही चन्द्र उदय फाल से उपर आते है। चन्द्र उदय बताते है इस काम में बहुत मन लगता है। सैलानियों की जान बचाना ही मेरा मकसद रह गया है। लगातार विसिल बजाकर सैलानियों को जानलेवा व खतरनाक स्पोट की जानकारी देते रहते है। सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने के के कारण ही दुर्घटना होती है। ज्ञात हो कि पर्यटन विभाग ने चन्द्र उदय बेदिया व रंजन बेदिया को लाइफ सेवर व सीपीआर देने के लिए प्रशिक्षण भी दिया है। झारखंड पर्यटन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद बताते है सैलानियों को बचाने के दौरान चन्द्र उदय बेदिया व रंजन बेदिया कई बार घायल भी हुआ लेकिन ठीक होने के बाद फिर से पूरे मनोयोग भाव से पानी में डूब या बह रहे सैलानियों का जीवन बचाने में लग जाते है। 

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