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| बिगलाही देवी |
अनिल कुमार चौधरी/ angara(ranchi) हेसल की बिगलाही देवी को पन्द्रह साल बाद अपने इकलौते पुत्र की सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर सरकार ने मुआवजा राशि प्रदान किया। चार दिन पहले बिगलाही देवी को 7.73 लाख रूपया का सरकारी मुआवजा मिल गया। वर्ष 2011 में गोंदलीपोखर के पास अनगड़ा के अंचल पदाधिकारी के सरकारी वाहन से कुचलकर बिगलाही देवी के इकलौते कमाउ पुत्र जगमोहन महतो की मौत हो गई थी। पति बंधन महतो की मौत पूर्व में ही हो चुकी थी। इस सदमें से बिगलाही देवी टूट गई थी। पिता-पुत्र के पुत्र के मौत से काफी सदमा लगा था। आर्थिक स्थिति भी दयनीय थी। तत्काल इस घटना के बाद बिगलाही को कोई सरकारी मुआवजा नही मिला। बाद में मुआवजा भुगतान को लेकर हेसल निवासी एडवोकेट विजय महतो ने एक दशक तक बिगलाही देवी के पक्ष में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ा। लेकिन मुआवजा आवंटन की प्रक्रिया कतिपय कारणों से लंबित रहा। जिससे मुआवजा का भुगता नही हो पा रहा था।
अनगड़ा सीओ राजू कमल के प्रयासों से 15 साल बाद मिला मुआवजा
इधर कुछ माह पूर्व अनगड़ा के अंचल पदाधिकारी राजू कमल के संज्ञान में मामला आया तो इन्होंने राजस्व विभाग के सचिव से समन्वय बनाकर मुआवजा आवंटन प्रक्रिया को शुरू कराया। आवंटन प्रक्रिया को शुरू कराने को लेकर अनेक विभागीय पत्राचार किया गया। इसी प्रक्रिया के तहत बिगलाही देवी को मुआवजा दे दिया गया। अचंल पदाधिकारी राजू कमल ने बताया कि सरकार ने जनता के काम करने के लिए ही तो भेजा है। काफी टफ मामला था। कई बार फाइल लौटी, लेकिन लगा रहा। घटना के बाद कई अंचल पदाधिकारी ने अपनी अपनी सेवा दी लेकिन बिगलाही को न्याय नही मिला। 15 साल बाद बिगलाही देवी को मुआवजा मिलने से काफी खुशी मिली है।
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