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| आजसू मिलन समारोह का उदघाटन करते सुदेश महतो |
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सुदेश महतो ने कहा कि हम झारखंड के माटी की पार्टी है जो हमेशा समालोचक विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे। इन्होंने कहा कि झारखंड की वर्तमान सरकार पूरी तरह से आदिवासी विरोधी सरकार है। सरना कोड, आरक्षण नीति, नियोजन नीति, स्थानीय नीति, औद्योगिक नीति, विकास नीति बनाने में सरकार पूरी तरह से फेल रही है। पेसा कानून को जिस उददेश्य के लिए बनाया गया था उस रूढ़ीवादी व्यवस्था को सरकार ने खत्म कर दिया। इससे आदिवासियों की पहचान संकट में है। पेशा कानून तो बना दिया लेकिन सवाल है बगैर कानून में संशोधन किये यह लागू कैसे होगा।
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युवाओं को पिछले छह सालों से रोजगार देने के नाम पर ठगा जा रहा है। पारा शिक्षकों को आचार्य के पद पर कम ग्रेड पे में ज्वाइन कराया गया, जो शिक्षकों के साथ अन्याय है। एक काम तो एक वेतनमान होना चाहिए। मइयां सम्मान योजना में लाभार्थी का नाम तो काटा जा रहा लेकिन एक भी लाभार्थी का नाम जोड़ा नही गया है। यह जनता के साथ धोखा है। मिलन समारोह में तीन हजार के करीब कार्यकर्ता शामिल हुए। सुदेश महतो ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरे राज्य में चलाकर आजसू कार्यकर्ता झारखंड सरकार की जनविरोधी नीतियों की जानकारी आम जनता को देगी।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर बुद्धिजीवी मोरचा के प्रदेश अध्यक्ष डोमन सिंह मुंडा, जयपाल सिंह, गौतम कुमार साहू, संजय सिद्धार्थ, विजय उरांव, बुद्धिजीवी मोरचा के जिलाध्यक्ष सज्जाद आलम, घासनी देवी, दिलीप बेदिया, अमर सिंह मुंडा, शंकर बेदिया, छोटू बेदिया, अजीत महतो, संजय महतो, इरफान अंसारी, रिजवान अंसारी आदि उपस्थित थे।
आजसू के शिथिल कार्यकर्ताओं में सुदेश ने फूंका जान
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