silli(ranchi) सिल्ली मुरी एवं आसपास में पिछले दो-तीन वर्षों से क्षेत्र में धनतेरस के मौके पर झाड़ू खरीदने का प्रचलन बढ़ा है सिल्ली के पुराना व्यवसाई रमेश जलान ने कहा कि पहले धनतेरस में झाड़ू की बिक्री नहीं के बराबर होती थी परंतु अब धनतेरस के दो-तीन दिन पहले से ही झाड़ू के खरीद में बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामीण भी झाड़ू खरीदारी को शुभ मानते हैं। तभी तो क्षेत्र में धनतेरस के अवसर पर झाड़ू की बिक्री खूब हो रही है।
धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू
इस सम्बंध में पुरोहित दिनेश बनर्जी ने बताया की धनतेरस पर सोना-चांदी बर्तन के साथ ही अधिकांश लोग हर साल झाड़ू भी खरीदकर लाते हैं। मत्स्य पुराण में इस संबंध में बताया गया है कि झाड़ू मां लक्ष्मी का प्रतीक है और इसे धनतेरस के दिन घर में लाने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में वास करती हैं। कहते हैं धनतेरस के दिन झाड़ू घर में लाने से आपको पूरे साल हर कार्य में सफलता मिलती है और आपके घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। सभी प्रकार की आर्थिक परेशानियां दूर रहती हैं।
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