GA4-314340326 त्योहारों पर गिरिडीह जिला प्रशासन चौकस, पर्यावरण व सुरक्षा में खलल डालने वालों की खैर नहीं

त्योहारों पर गिरिडीह जिला प्रशासन चौकस, पर्यावरण व सुरक्षा में खलल डालने वालों की खैर नहीं

 

Giridih on festival alert: Focus on safety and cleanliness, administration will take action if pollution is spread
अधिकारियों के साथ बैठक करते उपायुक्त डॉ. रामनिवास यादव।
ब्यूरो चीफ/गिरिडीह : आगामी त्योहारों की तैयारियों और जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए जहां विधि-व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा की अभेद्य रणनीति तैयार की गई, वहीं जिला पर्यावरण समिति की बैठक में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और अवैध खनन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया।

पूजा पंडालों से लेकर छठ घाटों तक सुरक्षा और सफाई के कड़े इंतजाम

उपायुक्त रामनिवास यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों के दौरान आमजनों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी पूजा पंडालों और छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए।

नगर निगम को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, नियमित कचरा उठाव और जल निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश मिला है। छठ घाटों पर सफाई, समतलीकरण, बैरिकेडिंग, प्रकाश, पेयजल और चेंजिंग रूम की व्यवस्था समय पर पूरी करने को कहा गया।

बैठक में महापौर प्रमिला मेहरा ने प्रमुख बाजारों और पूजा पंडालों के आसपास नियमित सफाई व प्रकाश व्यवस्था पर जोर दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने ट्रैफिक रूट प्लान, असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की बात कही। साथ ही पूजा पंडालों में अग्नि और विद्युत सुरक्षा मानकों का अनुपालन अनिवार्य किया गया है।

बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, एसडीओ, एसडीपीओ सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

 अवैध खनन और प्रदूषण की नियमित जांच के निर्देश

पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के मुख्य निर्देश....

 अवैध गतिविधियों पर रोक: अवैध बालू खनन, अवैध डंपिंग, स्टोन माइंस और स्टोन क्रशरों की नियमित जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

 कचरा एवं जल प्रबंधन: औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ETP/STP और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रभावी व्यवस्था करने तथा दूषित जल को उपचारित (ट्रीट) करने के बाद ही बहाने का आदेश दिया गया।

 स्वास्थ्य सर्वेक्षण व CTO: प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सर्वे कराने और अस्पतालों व नर्सिंग होम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों व CTO के पालन की समीक्षा की गई।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीसीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।






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