GA4-314340326 झारखंड में उबर की तर्ज पर चलेंगी एम्बुलेंस, हर नागरिक का बनेगा हेल्थ प्रोफाइल

झारखंड में उबर की तर्ज पर चलेंगी एम्बुलेंस, हर नागरिक का बनेगा हेल्थ प्रोफाइल

समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा-  एम्बुलेंस सेवा में संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं

Jharkhand to have ambulances running on Uber lines, health profiles for every citizen
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते सीएम, विभागीय मंत्री व सचिव।
 रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मौजूदगी में सीएम ने कई कड़े निर्देश दिए और एम्बुलेंस सेवाओं में आ रही शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई।

सीएम ने निर्देश दिया कि राज्य के बच्चों सहित सभी नागरिकों का 'हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम' तैयार किया जाए। साथ ही, उन्होंने जामताड़ा के आम डुमरिया हेल्थ सब सेंटर और गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल में वीडियो कॉल कर औचक निरीक्षण किया और डॉक्टरों से सीधे व्यवस्था का फीडबैक लिया।

एम्बुलेंस के लिए बनेगा AI कंट्रोल रूम

एम्बुलेंस सेवाओं में मिल रही लापरवाही की शिकायतों पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में एक-एक मिनट कीमती होता है, इसलिए ओला-उबर की तर्ज पर एम्बुलेंस सेवा का विस्तार किया जाए। इसके लिए विभाग को एक हफ्ते में प्लान सौंपने को कहा गया है। एम्बुलेंस की मॉनिटरिंग के लिए एक 'एआई (AI) बेस्ड कंट्रोल रूम' भी स्थापित होगा।

केरल की तर्ज पर अंगदान को बढ़ावा

एक ही छत के नीचे सभी दवाएं : राज्य में 'मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना' की शुरुआत की जाएगी। यह आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संचालित होने वाला एक एकीकृत औषधि केंद्र होगा, जहां एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध प्रणाली की जरूरी दवाएं मुफ्त मिलेंगी।

ऑर्गन डोनेशन : केरल मॉडल की तर्ज पर राज्य में किडनी, लीवर और कॉर्निया जैसे अंगदान के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

देश के बड़े डॉक्टर आएंगे झारखंड : मेडिकल कॉलेजों में यूजी और पीजी की सीटें बढ़ाई जाएंगी। साथ ही रोटेशन के आधार पर देश के नामचीन विशेषज्ञ डॉक्टरों को गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

 ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बनेगी अलग कार्ययोजना

भौगोलिक संरचना को देखते हुए सीएम ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याएं अलग हैं। इसलिए विभाग दोनों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना बनाए। ग्रामीण इलाकों में कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और शुगर जैसी इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग से विशेष व्यवस्था तैयार की जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम शशि प्रकाश झा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्देश 

बहाली में तेजी : एएनएम (ANM), जीएनएम (GNM) और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के खाली पदों को तुरंत भरा जाए।

अस्पताल होंगे एयर कूल : सदर अस्पतालों को 'अस्पताल कायाकल्प योजना' के तहत अपग्रेड किया जाएगा और इन्हें एयर कूल बनाने की कार्ययोजना बनेगी। बर्न यूनिट को भी दुरुस्त किया जाएगा।

रेफरल सिस्टम का ऑडिट : राज्य भर के सरकारी अस्पतालों के रेफरल सिस्टम का ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आयुष्मान से निबंधित अस्पतालों का भी ऑडिट होगा।

ABHA कार्ड ड्राइव : स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ियों में कैंपेन मोड में 'आभा कार्ड' बनाने का अभियान चलाया जाएगा।

ब्लड बैंक और ऐप : ब्लड बैंक की व्यवस्था दुरुस्त होगी। ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना की जाएगी और पारदर्शिता के लिए इसे ऐप बेस्ड बनाया जाएगा। पुलिस और सरकारी कर्मियों के लिए नियमित ब्लड डोनेशन कैंप लगेंगे।

सेंट्रल रेडियोलॉजी हब : सीएम ने रांची सदर अस्पताल में बने देश के पहले सरकारी सेंट्रल रेडियोलॉजी हब की सराहना की, जिससे राज्य के सभी जिले जुड़े हैं।



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

और नया पुराने