गिरिडीह : रोजगार की तलाश में झारखंड से गुजरात गए एक और प्रवासी मजदूर की हादसे में जान चली गई। गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत महेशमुंडा क्षेत्र के रघैडीह गांव निवासी 26 वर्षीय प्रवासी मजदूर प्रदीप कुमार तुरी की सूरत (गुजरात) के अस्पताल में इलाज के दौरान दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के पैतृक गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रदीप कुमार तुरी के शव के साथ ग्रामीण।
निर्माणाधीन भवन से गिरने के कारण हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, प्रदीप कुमार तुरी सूरत के वेसु क्षेत्र में रहकर मजदूरी का काम करते थे। बीते 15 मई 2026 को एक निर्माणाधीन भवन में काम करने के दौरान वे अचानक नीचे गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आर्थिक तंगी के कारण सिविल अस्पताल में कराया गया शिफ्ट
प्रदीप के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण, बाद में उन्हें बेहतर और किफायती इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल, सूरत के आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 19 मई की रात करीब 1 बजे इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
प्रवासी संगठन ने बढ़ाया मदद का हाथ
घटना की सूचना मिलते ही 'झारखंड प्रवासी एकता मंच' के संयोजक राजकुमार मंडल सहित कई स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता तुरंत अस्पताल पहुंचे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने संकट की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का प्रयास किया। 19 मई को ही कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद कार्यकर्ताओं के सहयोग से मृतक के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांव रघैडीह के लिए रवाना कर दिया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुआवजे की मांग, परिवार में पसरा सन्नाटा
26 वर्षीय युवा मजदूर की असामयिक मौत से रघैडीह गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच, झारखंड प्रवासी एकता मंच और स्थानीय ग्रामीणों ने राज्य सरकार तथा गिरिडीह जिला प्रशासन से पीड़ित और आश्रित परिवार को जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने की मांग की है।
Hilights
हादसा : 15 मई को सूरत के वेसु इलाके में निर्माणाधीन भवन से गिरे थे प्रदीप तुरी।
मृतक : गिरिडीह जिले के बेंगाबाद (महेशमुंडा) अंतर्गत रघैडीह गांव के रहने वाले थे।
मदद : झारखंड प्रवासी एकता मंच ने शव को एम्बुलेंस से पैतृक गांव भेजा; सरकार से मुआवजे की मांग।
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