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| ग्रामप्रधान को हटाने के लिए हुआ ग्रामसभा |
विकास कार्यो के क्रियान्वयन में लगातार बाधा उत्पन्न् कर रहे थे ग्रामप्रधान किष्टो कुजूर: मुखिया डोली कुमारी
ग्राम सभा के दौरान मुखिया डोली कुमारी ने पूर्व प्रधान किष्टो कुजूर पर विकास कार्यों में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत के कई योजनाओं के संचालन में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही थी। वहीं पूर्व मुखिया सोहन मुंडा ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि किष्टो कुजूर झारखंड पेसा नियमावली के अनुरूप फीट नहीं बैठते है एवं कार्य भी नहीं कर रहे थे और ग्राम हित के कई मामलों में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाए। इसी कारण ग्रामीणों की सहमति से नया ग्राम प्रधान चुना गया।
मैं हूं ओरिजरल ग्रामप्रधान: किष्टो कुजूर
दूसरी ओर प्रधान किष्टो कुजूर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए असंवैधानिक बताया। कहा की मैं ही हूं ओरिजनल ग्रामप्रधान। नियमों के विरुद्ध विशेष ग्राम सभा आयोजित कर नया चयन किया गया है, जिसे वे स्वीकार नहीं करते। बैठक में करन सिंह, नरेश महतो, अमरनाथ महतो, सन्नी महतो, रमेश महतो, राम किशोर महतो, उमेश महतो, नवीन महतो सहित अन्य उपस्थित थे।
काफी समय से चल रहा किष्टो व पूर्व मुखिया सोहन पाहन के बीच राजनैतिक विवाद
सूत्रों ने बताया कि अपदस्थ ग्रामप्रधान किष्टो कुजूर व सोहन पाहन के बीच काफी समय से राजनैतिक विवाद चल रहा है। सोहन पाहन की पत्नी डोली कुमारी वर्तमान में चतरा की मुखिया है। किष्टो कुजूर कांग्रेस पार्टी से जुड़े है जबकी सोहन पाहन भाजपा के कार्यकर्ता है। मुखिया चुनाव में भी दोनों पक्ष एक दूसरे को हराने के लिए काम करता है। हाल के समय में चतरा पंचायत की कई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच राजनैतिक टकराहट हुई थी। राजनैतिक विवाद का आलम यह है कि एक पक्ष जब किसी का समर्थन करता है तो दूसरा पक्ष उसका स्वत: विरोध करने लगता है। दोनों पक्षों की टकराहट से विकास कार्य लगातार प्रभावित हो रहा था।

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