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| समाहरणालय में बैठक करते उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री। |
मोरहाबादी के आर्यभट्ट हॉल में होगी बैठक
यह बैठक 13 अप्रैल (सोमवार) को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉल, मोरहाबादी में दोपहर एक बजे से आयोजित की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले के सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों की उपस्थिति इस बैठक में अनिवार्य है।
इन 3 मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी चर्चा
1. 10% से ज्यादा नहीं बढ़ेगी फीसज्ञ : जिला स्तर पर गठित शुल्क समिति (Fee Committee) स्कूलों को फीस निर्धारण और वृद्धि के नियमों की जानकारी देगी। बता दें कि प्रशासन ने अधिकतम 10% फीस वृद्धि की सीमा तय की है, जिसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई हो सकती है।
2. RTE के तहत 25% कोटा अनिवार्य : RTE कानून के तहत प्रारंभिक कक्षाओं (नर्सरी से कक्षा-1) में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य है। बैठक में इस प्रक्रिया के अनुपालन और स्कूलों की जिम्मेदारी पर विस्तृत चर्चा होगी।
3. शिकायत कोषांग (Grievance Redressal Cell) : अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर गठित सेल की कार्यप्रणाली से स्कूलों को अवगत कराया जाएगा।
हमारा लक्ष्य नए सत्र में पारदर्शी फीस संरचना सुनिश्चित करना और समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को उनका हक दिलाना है। किसी भी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।-मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त, रांची
क्यों पड़ी बैठक की जरूरत
हाल के दिनों में कई अभिभावकों ने स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने और RTE नामांकन में आनाकानी करने की शिकायतें जिला प्रशासन से की थीं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निजी स्कूलों को फीस संरचना में पारदर्शिता लानी होगी और आरक्षित सीटों पर योग्य छात्रों का नामांकन सुनिश्चित करना होगा ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

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