GA4-314340326 जनसुनवाई में भारी बवाल: 'जान दे देंगे पर स्पंज प्लांट नहीं लगने देंगे' के नारों से गूँजा भोरनडीहा

जनसुनवाई में भारी बवाल: 'जान दे देंगे पर स्पंज प्लांट नहीं लगने देंगे' के नारों से गूँजा भोरनडीहा

 

जनसुनवाई में अपनी बात रखते पदाधिकारी ।
गिरिडीह : विशेष संवाददाता औद्योगिक प्रदूषण और स्वास्थ्य पर मंडराते खतरों के बीच सोमवार को रिबान्ता स्टील प्राइवेट लिमिटेड के विस्तारीकरण को लेकर आयोजित लोक सुनवाई हंगामे की भेंट चढ़ गई। भोरनडीहा और विश्वासडीह स्थित प्लांट साइट पर आयोजित इस जनसुनवाई में ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखा। 200 से अधिक ग्रामीणों ने हाथों में 'जान दे देंगे लेकिन स्पंज प्लांट नहीं लगने देंगे' की तख्तियाँ लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रशासनिक मौजूदगी में विरोध के सुर

सुनवाई की अध्यक्षता सदर एसडीओ श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने की। मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी विवेक कुजूर, अभियंता कुंदन कुमार दास और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शम्भु शरण मौजूद थे। सुनवाई शुरू होते ही ग्रामीणों ने प्लांट के अंदर आयोजन करने पर सवाल उठाए और कहा कि नियमानुसार इसे खुले स्थान पर होना चाहिए था।

महिलाओं ने संभाली कमान: 'प्रदूषण से त्रस्त हैं हम'

गंगापुर की पूजा कुमारी ने महिला सशक्तिकरण के दावों को खोखला बताते हुए कहा, आज महिलाओं को चूल्हा-चौका छोड़कर प्रदूषण के खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ रहा है। हम इस जहर को और नहीं सहेंगे। वहीं शुभांकर कुमार ने तकनीकी सवाल उठाते हुए कहा कि जब गिरिडीह और रामगढ़ में औद्योगिक इकाइयों के लिए भूजल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है, तो कंपनी पानी कहाँ से लाएगी।

ग्रामीणों के गंभीर आरोप: 'अपंग पैदा हो रहे हैं बच्चे'

सुनवाई के दौरान सुनील साव, चन्दर वर्मा और दिलीप साव सहित कई ग्रामीणों ने प्रदूषण के भयावह परिणामों का जिक्र किया। उनके प्रमुख आरोप निम्नलिखित रहे:

 स्वास्थ्य संकट : प्रदूषण के कारण लोग टीबी जैसी बीमारियों की चपेट में हैं और नवजात बच्चों में अपंगता देखी जा रही है।

 पर्यावरण विनाश : पेड़ों के पत्ते झुलस चुके हैं और जल-जंगल पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं।

 जल संकट : क्षेत्र का वाटर लेवल इतना गिर गया है कि बोरिंग से पानी नहीं निकल रहा, पीने के शुद्ध पानी की भारी किल्लत है।

प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए हैं। आज की जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जो भी पक्ष रखा है, उसकी हूबहू रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी।

         -श्रीकांत यशवंत विस्पुते, सदर एसडीओ

तकनीक के दावे फेल, पुलिस रही तैनात

जैसे ही कंपनी के प्रतिनिधि ने ईएसपी मशीन और हाई-टेक तकनीक का हवाला देकर विस्तारीकरण का पक्ष रखना चाहा, ग्रामीण उग्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अंततः ग्रामीणों के भारी विरोध के बीच ही सुनवाई की प्रक्रिया को जैसे-तैसे पूरा किया गया।


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