मंत्री ने अभियंताओं को लगाई फटकार, बोले- प्रोटोकॉल का रखें ध्यान; जल सहियाओं के कार्यों को सराहा
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| जल सहिया को सम्मानित करते उपायुक्त व अन्य। |
मंच से ही बिफरे मंत्री: इंजीनियरों को दी नसीहत
संबोधन से पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं (राहुल श्रीवास्तव और अवीक अंबाला) को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने आवेशित लहजे में कहा कि मंत्रियों की व्यस्तता और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होते हैं, अभियंताओं को इसकी जानकारी होनी चाहिए। किसी भी सरकारी कार्यक्रम की सूचना समय पर देना सुनिश्चित करें।
जल सहियाओं के सुझाव जाएंगे विभाग के पास
मंत्री ने जल सहियाओं और मुखियाओं को जल संरक्षण का 'सच्चा प्रहरी' बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल सहिया बहनों द्वारा दिए गए सुझावों को सूचीबद्ध कर सीधे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री को भेजा जाए। उन्होंने कहा, "जल के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। हमें अपनी सहिया बहनों के कार्यों पर गर्व है।"
* उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। जब तक आम जन सक्रिय नहीं होंगे, तब तक लक्ष्य प्राप्ति कठिन है। प्रशासन हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
* विधायक नागेंद्र महतो ने आह्वान किया कि जल बचाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की दिशा में बेहतरीन काम करने वाली जल सहिया बहनों और विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं को मंच से सम्मानित किया गया। इस मौके पर यूनिसेफ प्रतिनिधि शशांक शेखर, बेंगाबाद प्रमुख, पेशम मुखिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
ये हैं मुख्य बिंदु
* लक्ष्य: ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन और जागरूकता।
* सम्मान: बेहतर कार्य करने वाली जल सहिया और मुखिया पुरस्कृत।
* संदेश: पारदर्शिता और तन्मयता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करें।

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