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| एमआरएफ केंद्र का निरीक्षण करते अपर प्रशासक संजय कुमार। |
कचरे से कमाई और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस
निरीक्षण के दौरान अपर प्रशासक ने बताया कि यह केंद्र शहर के कचरा प्रबंधन में गेमचेंजर साबित होगा। यहां केवल कचरे का जमावड़ा नहीं होगा, बल्कि उसे 'संसाधन' में बदला जाएगा:
* सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच को अलग कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
* गीला कचरा: इस कचरे का उपयोग बायो-गैस उत्पादन के लिए किया जाएगा, जिससे शहर को स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प मिलेगा।
शहर में 5 केंद्र, लक्ष्य 'स्वच्छ सर्वेक्षण' में टॉप रैंकिंग
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत रांची में कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक रूप दिया जा रहा है। निगम अब तक हरमू, मधुकम, कर्बला चौक और नागा बाबा वेजिटेबल मार्केट में चार केंद्रों का संचालन शुरू कर चुका है। ट्रेकर स्टैंड का यह पांचवां और बड़ा केंद्र रांची को 'गार्बेज फ्री सिटी' की रेटिंग दिलाने और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर सहायक प्रशासक, पीएमसी प्रतिनिधि, निगम के अभियंता और मेसर्स स्वच्छता कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
इस आधुनिक प्रबंधन से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। हमारा लक्ष्य रांची को पूरी तरह कचरा मुक्त बनाना है।
-संजय कुमार, अपर प्रशासक, रांची नगर निगम

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