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| जेसीबी से खोदा गया डोभा। |
बेंगाबाद (गिरिडीह) : बेंगाबाद प्रखंड के गोलगो पंचायत अंतर्गत पहाड़पुर गांव में डोभा निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वन विभाग की सीमा के अंदर डोभा निर्माण कराने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और मजदूरों के हक पर जेसीबी चलाई जा रही है।
मजदूरों का हक मार मशीन से कराई खुदाई
ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार डोभा निर्माण में स्थानीय मजदूरों से काम कराया जाना अनिवार्य है, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। लेकिन पहाड़पुर में नियमों को दरकिनार कर रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन से खुदाई करा दी गई। इससे न केवल योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि स्थानीय मजदूरों में भारी आक्रोश है।
न सूचना बोर्ड, न अनुमति: अंधेरे में रखा गया काम
विवाद का एक बड़ा कारण कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड (Information Board) का न होना है। नियमानुसार किसी भी सरकारी कार्य के शुरू होने से पहले योजना का नाम, प्राक्कलित राशि और विभाग का विवरण देना अनिवार्य है। ग्रामीणों का कहना है कि:
* बिना किसी अनुमति के वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर डोभा बनाया गया।
* योजना के बारे में पूछने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
* संबंधित विभाग के सिपाही की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
पर्यावरण को खतरे की चेतावनी
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन को आगाह किया है कि वन क्षेत्र में इस तरह के अवैध निर्माण से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और संलिप्त दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों ने कहा-बिना सूचना पट्ट और मशीन से काम कराना नियमों का उल्लंघन है। हम इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।
अगला कदम: क्या आप इस रिपोर्ट में किसी विशिष्ट अधिकारी (जैसे बीडीओ या वन विभाग के रेंजर) का पक्ष या कोई 'बॉक्स' आइटम जोड़ना चाहेंगे?

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