अनिल कुमार चौधरी /Angara(ranchi) अनगड़ा थाना की पुलिस ने शनिवार की रात में पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के एक गांव से पहाड़सिंह बिरहोर टोली से 43 दिनों से गायब बहादुर बिरहोर दंपति को बरामद किया। पुलिस ने बहादुर की पत्नी मुनिया देवी व एक साल की पुत्री तिर्की कुमारी को बरामद किया। रविवार को अनगड़ा थाना के एएसआई अमर सिंह बिरहोर दंपति को लेकर अनगड़ा थाना पहुंचे। अमर सिंह के नेतृत्व में अनगड़ा थाना पुलिस की एक टीम 13 अक्टूबर को बिरहोर दंपति की तलाश में पटना गई थी। बिरहोर दंपति फतुहा थाना क्षेत्र के एक गांव में ईंट भट्ठा में काम कर रहा था। मालूम हो कि 1 सितंबर से बहादुर बिरहोर अपनी पत्नी व एक साल की बेटी के साथ गायब था। इस मामले में अनगड़ा थाना में घटना के 26 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इधर घर पर अकेली रह रही बहादुर की दो नाबालिग बेटियों को अनगड़ा प्रखंड प्रशासन ने तमाड़ स्थित कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय में एडमिशन करा दिया है। इसी बीच 13 अक्टूबर को अचानक से बहादुर पहाड़सिंह बिरहोर टोली स्थित घर में रह रही अपनी दो अन्य बेटियों को लेने पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर अनगड़ा थाना प्रभारी दिलेश्वर कुमार उसे लेकर अनगड़ा थाना पहुंचे। थाना प्रभारी को उसने पटना में होने की जानकारी दी। लेकिन इसे पटना का लोकेशन याद नही था।
थाना प्रभारी के साथ बिरहोर दंपति
अपने लापता होने की झूठी कहानी गढ़ी थी बहादुर बिरहोर ने
13 अक्टूबर को अनगड़ा थाना प्रभारी दिलेश्वर कुमार को बहादुर बिरहोर ने अपने लापता होने की झूठी कहानी बताया था। उसने बताया था की मूरी रेलवे स्टेशन में पत्नी के बेहोश होने के कारण वह नही उतर सका और पटना पहुंच गया। जबकी यह झूठी कहानी गढ़ी गई थी। एएसआई अमर कुमार सिंह ने बताया की बहादुर बिरहोर को पटना का सही लोकेशन नहीं मालूम होने के कारण उसकी पत्नी और बच्ची को खोजने में काफी परेशानी हुई।
फतुहा थाना में बिरहोर दंपति
अपनी मर्जी से ईट भट्ठा में काम करने गया था पटना
खूंटी के एक व्यक्ति महादेव स्वांसी के साथ बहादुर अपनी पत्नी के साथ ईंट भट्ठी मे काम करने 1 सितंबर को बंगाल के सिंगूर चला गया था। वहां मजदूरी कम मिलने के कारण 15 सितंबर को वह हावड़ा से टाटा और उसके बाद वहां से वह ईंट भट्ठी में काम करने पटना के फतुहा थाना के फुसरुपुर चला गया। पटना में उसकी पत्नी को मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद उसका ईलाज करा रहा था। इसी बीच वह 13 अक्टूबर को अपनी दोनों बेटियों को लेने पहाड़सिंह पहुंचा था।
मां विष हरि रथ के पर्ची से हुआ खुलासा
बहादुर 13 अक्टूबर को पटना से रांची मां विष हरि रथ नाम के बस से रांची आया था। यह पर्ची को उसने थाना प्रभारी दिलेश्वर कुमार को दी। केस के अनुसंधान अधिकारी अमर कुमार सिंह के पास यही एकमात्र आधार पटना में लोकेशन खोजने का। बस कंडक्टर ने महत्वपूर्ण इनपुट दिया। इसी इनपुट के आधार पर पांच घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद सही लोकेशन को खोजा गया।
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