उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, रांची समेत राज्य के शहरों की बदलेगी सूरत
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| झारखंड मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते सीएम हेमंत सोरेन। |
जानिए, सीएम ने कौन-कौन से बड़े निर्देश दिए
स्मार्ट और सुव्यवस्थित ड्रेनेज : अब से हर नई सड़क निर्माण परियोजना में एकीकृत ड्रेनेज सिस्टम (Integrated Drainage System) शामिल करना अनिवार्य होगा।
हर वार्ड में वेंडर मार्केट : सड़क किनारे ठेला-गुमटी लगाने वाले वेंडर्स की आजीविका को सुरक्षित रखते हुए प्रत्येक वार्ड में व्यवस्थित वेंडर मार्केट विकसित किए जाएंगे।
ट्रैफिक और बस डेटा मैनेजमेंट : शहर में अनावश्यक रोड-कट बंद होंगे और सार्वजनिक बसों के रूट व समय-सारणी का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
सुंदरीकरण और सुरक्षा : सड़कों और पेड़ों पर लटकते बिजली व टेलीकॉम केबल्स के जाल को हटाकर अंडरग्राउंड डक्ट या व्यवस्थित कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
अतिक्रमण पर कार्रवाई : सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे चिन्हित कर हटाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को वैकल्पिक स्थान दिया जाएगा।
सड़क और जल निकासी (Drainage System) का एकीकृत डिजाइन : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को सड़क निर्माण के बाद की व्यवस्था नहीं, बल्कि उसकी मूल डिजाइन का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों किनारों पर वैज्ञानिक तरीके से पर्याप्त चौड़ाई वाला ड्रेनेज और फुटपाथ बनाया जाए, ताकि भविष्य में अनियोजित निर्माण या अतिक्रमण की गुंजाइश न रहे। पुरानी सड़कों पर तकनीकी अध्ययन कराकर ड्रेनेज दुरुस्त किया जाएगा।
स्ट्रीट वेंडर्स और यातायात के लिए ठोस योजना
* वेंडर्स को बिना हटाए या रोजगार प्रभावित किए हर वार्ड में सम्मानजनक स्थान और वेंडर मार्केट उपलब्ध कराया जाएगा।|
* अनावश्यक कट बंद होंगे। वाहन केवल निर्धारित चौराहों से टर्न ले सकेंगे। बसों का रूट व टाइम-टेबल तय होगा। * पेड़ों और खंभों पर लटकते खतरनाक तारों को हटाया जाएगा। बार-बार सड़क खुदाई रोकने के लिए विभागों में तालमेल बनेगा। |
केवल रांची ही नहीं, पूरे झारखंड पर फोकस
बैठक के दौरान सीएम सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास का दायरा सिर्फ रांची तक सीमित न रहे। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों को भी जोन-वार (Zone-wise) विभाजित कर वहां की आबादी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा (Time-bound Delivery) के भीतर पूरा करने का सख्त आदेश दिया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुनील कुमार, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और एसएसपी राकेश रंजन सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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