100 से अधिक किसानों ने खोला मोर्चा; बी़डीओ और डीसीओ को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
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| ग्रामीणों के साथ बैठक करते मुखिया । |
मुखिया की मौजूदगी में हुई बैठक, 8 प्रस्ताव पारित
लैंपस कर्मियों की तानाशाही को लेकर 29 मार्च को रामपुर हाट बागान में एक महापंचायत हुई। पिस्का पंचायत के मुखिया सोमरा मांझी और हाकेदाग पंचायत के मुखिया हरिपद मांझी की उपस्थिति में किसानों ने सर्वसम्मति से 8 सूत्री प्रस्ताव पारित किए। बैठक में यह बात सामने आई कि साल 2015 से 2026 तक एक ही परिवार के लोग अदला-बदली कर समिति पर कब्जा जमाए हुए हैं।
बिचौलियों का 'राज', किसान बेहाल
शिकायत के अनुसार, वास्तविक किसानों की आईडी बनाने में टालमटोल की जाती है, जबकि बिचौलियों की आईडी बनाकर हजारों क्विंटल धान खपाया जा रहा है। विरोध करने पर लैंपस के लेखपाल और लिपिक किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। किसानों ने मांग की है कि धान खरीद के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और रजिस्टरों की पारदर्शिता से जांच हो।
किसानों की मुख्य मांगें
समिति भंग हो : वर्तमान कार्यकारिणी समिति को अविलंब निरस्त कर नई पारदर्शी कमेटी बनाई जाए।
रिकॉर्ड सार्वजनिक हों : 2018 से 2026 के बीच हुए कमेटी चयन और धान खरीद का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए।
पदमुक्त हों कर्मचारी : समिति में जमे सरकारी पदधारियों और आरोपी कर्मियों को तत्काल हटाया जाए।
गोदामों की जांच : लैंपस के अलावा अन्य निजी स्थानों पर रखे गए धान और अवैध गोदामों की जांच की जाए।
प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे
मुखिया सोमरा मांझी और मुखिया हरिपद मांझी ने संयुक्त बयान में कहा कि किसानों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो सिल्ली उत्तरी क्षेत्र के तमाम किसान सड़कों पर उतरकर प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे।
इन्होंने की लिखित शिकायत : शिकायत सौंपने वालों में मुख्य रूप से देवराज महतो, पंचानन साहू, सुरेश मांझी, संदीप मांझी, गुहीराम मांझी, शिवा बेदिया, बहादुर मांझी, बासुदेव, लालदेव, अजय, फागु मांझी, भरत महतो, अंगद महतो और धीरेंद्र बेदिया समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं। आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक, उपायुक्त राँची और कृषि मंत्री को भी भेजी गई है।

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