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| प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते महाप्रबंधक गिरीश कुमार राठौर व अन्य। |
उत्पादन, डिस्पैच व ओबी में दर्ज की शानदार बढ़त
जीएम राठौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 गिरिडीह एरिया के लिए ऐतिहासिक रहा। न केवल कोयला उत्पादन, बल्कि डिस्पैच और ओबी (ओवरबर्डन) निकासी में भी बड़ी सफलता मिली है।
* कोयला डिस्पैच : इसमें 39% की वृद्धि दर्ज की गई। कुल 4.91 लाख टन कोयला 133 रेल रैक के माध्यम से और 1.07 लाख टन रोड सेल के जरिए भेजा गया।
* ओबी निकासी : पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 41% का इजाफा हुआ है।
जल्द शुरू होगी गिरिडीह ओसीपी
प्रक्षेत्र ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 8 लाख टन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने के लिए गिरिडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) को जल्द शुरू करने की तैयारी है।
* प्रक्रिया : ओसीपी के लिए सीटीई और सीटीओ हेतु कार्य प्रगति पर है।
* आउटसोर्सिंग : टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही यहां से सालाना 7 लाख टन अतिरिक्त कोयला उत्पादन शुरू हो जाएगा।
बनेगा 170 मेगावाट का सोलर हब
कोयला खनन के साथ-साथ सीसीएल ने पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भी बड़े कदम बढ़ाए हैं।
* वृक्षारोपण : 157.5 हेक्टेयर भूमि पर कुल 3.937 लाख पौधे लगाए गए हैं।
* सोलर हब : गिरिडीह एरिया की खाली जमीन पर 170 मेगावाट का सोलर हब बनाने की योजना है।
इनका जताया आभार
इस बड़ी उपलब्धि पर महाप्रबंधक और परियोजना पदाधिकारी ने नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, डीसी, एसपी, यूनियन नेताओं और आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रेस वार्ता के दौरान कार्मिक प्रबंधक राजबर्धन और पर्यावरण अधिकारी शम्मी कपूर भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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