![]() |
| ट्रांसपोर्ट नगर में अपसरों को दिशा-निर्देश देते उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री। |
परीक्षाओं का पीक सीजन: एकाग्रता भंग हुई तो नपेंगे जिम्मेदार
वर्तमान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, जबकि फरवरी के अंतिम सप्ताह से 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। DC ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सदर, कुमार रजत को निर्देश दिया है कि वे पूरे क्षेत्र में ध्वनि मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। प्रशासन का मानना है कि चुनाव प्रचार और देर रात तक चलने वाले पार्टी शोर से छात्रों की पढ़ाई और बीमार बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
इन पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर
* प्रत्याशी और राजनीतिक दल : छोटे-बड़े वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार करने वालों पर निगरानी।
* रेस्टोरेंट और बार : ओपन एरिया में देर रात तक तेज म्यूजिक बजाने वाले संचालकों पर रेड।
* सार्वजनिक आयोजन : बिना अनुमति लाउडस्पीकर या डीजे बजाने वालों के खिलाफ तत्काल FIR।
जानिए, क्या हैं नियम...
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शोर की सीमा लांघने पर कार्रवाई तय है। Noise Pollution Rules, 2000 के तहत मानक इस प्रकार हैं:
क्षेत्र दिन की सीमा (dB) रात की सीमा (dB)
आवासीय क्षेत्र 55 dB 45 dB
वाणिज्यिक क्षेत्र 65 dB 55 dB
बड़ी पाबंदी : रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। किसी भी स्थिति में निजी स्थान का शोर बाहरी सीमा पर 5 dB से अधिक नहीं बढ़ना चाहिए।
उल्लंघन पर सीधे जब्ती और जुर्माना
झारखंड हाई कोर्ट ने पहले ही पूरे राज्य में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के कड़े निर्देश दे रखे हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियमों और संबंधित धाराओं के तहत न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि साउंड उपकरण और वाहन भी जब्त कर लिए जाएंगे।
अपील : प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन दिखे, तो तत्काल स्थानीय थाना, SDO कार्यालय या जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
क्लिक करें : रांची की खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे वाट्सएप चैनल से जुड़ें

एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.